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लिमिटेड रिसोर्स और रिपिटेड रिवीजन से शिखा बनीं UPSC टॉपर

            BY  MY COLLEGE NOTIFIER साल 2017 में दूसरे प्रयास में 16वीं रैंक के साथ सफलता पाने वाली शिखा सुरेन्द्रन ने शेयर की अपनी प्रिपरेशन स्ट्रेटजी.   केरल की शिखा जब यूपीएससी की प्रिपरेशन के बारे में बात करती हैं तो चीजों को इतना सरल बना देती हैं कि आपको लगेगा कोई भी इस परीक्षा को पास कर सकता है. हालांकि इससे उनकी मेहनत कम नहीं हो जाती पर दूसरे कैंडिडेट्स से इतर शिखा की बातें कम से कम हिम्मत जगाती हैं कि प्रयास सच्ची और सही दिशा में तो कोई भी इस परीक्षा में सफल हो सकता है. शिखा कहती हैं उनके पिताजी का सपना था कि वे इस क्षेत्र में जाएं पर उन्होंने कभी शिखा को इसके लिए फोर्स नहीं किया. हालांकि समय बीतने के साथ पिताजी का सपना कब शिखा का भी सपना बन गया उन्हें पता भी नहीं चला. बचपन में वे नहीं जानती थी कि डीएम या कलेक्टर कौन होता है पर बड़े होकर जब उन्हें इस क्षेत्र की डाइवर्सिटी और प्रेस्टीज के बारे में पता चला तो उन्होंने तय किया कि वे इस क्षेत्र में ही कैरियर बनाएंगी. चूंकि यूपीएससी परीक्षा का नेचर बहुत ही अनप्रिडिक्टेबल है, इसलिए पहले उन्होंने...

ग़रीब बच्चों की शिक्षा के लिए मुंबई की लोकल ट्रेनों में भीख मांगता प्रोफेसर

                BY   MY COLLEGE NOTIFIER अपनी ज़िन्दगी को जीने के कई तरीके होते हैं लेकिन अगर हम किसी के चेहरे पर मुस्कराहट ला सकें तो शायद ये हमारे ज़िन्दगी की सबसे बड़ी सफलता होगी। मुंबई के प्रोफेसर संदीप देसाई कुछ ऐसे ही प्रयास में जुटे हैं जहाँ वे हज़ारों ग़रीब बच्चों को शिक्षित कर उनके चेहरों पर मुस्कराहट ला रहे हैं जिसके लिए वे लोकल ट्रेनों में भीख मांग कर पैसे इकठ्ठा करते हैं। लोगों से मिली इस सहायता से प्रो संदीप पिछले 5-6 सालों में आज करीब एक करोड़ रुपये इकठ्ठा कर चुके हैं और मुंबई और राजस्थान में करीब 500 बच्चों की मुफ्त शिक्षा का प्रबंध करते हैं। संदीप देसाई पेशे से एक मरीन इंजीनियर थे और बाद में देश के मशहूर मैनेजमेंट कॉलेज SP Jain Institute Of Management के प्रोफेसर बने। लेकिन ग़रीब बच्चों को पढ़ाने के अपने मिशन के लिए उन्होंने अपनी अच्छी खासी नौकरी छोड़ दी। पांच साल पहले जब इन्होंने बच्चों को पढ़ाने का सपना देखा तो पैसों की कमी बहुत बड़ी बाधा बनकर सामने आई। लेकिन बजाय हिम्मत हारने के, ये लोकल ट्रेनों में भीख भी मांगने के लि...

YouTube पर वीडियो अपलोड कर हो सकती है बंपर कमाई

              BY   MY COLLEGE NOTIFIER  आज के युवा बिज़नेस की तरफ ज्यादा आर्कषित हो रहे हैं,क्योंकि बिज़नेस में आपको किसी और पर आधारित नहीं रहना पड़ता है. ऐसे में आप अपनी रुचि के हिसाब से बिज़नेस प्लान करें, इससे आपके सफ़र की शुरुआत आसन होगी. वैसे आज के समय में YouTube एक ऐसा प्लेटफार्म है, जहां आप अपने अंदर छुपे हुए टैलेंट को पूरी दुनिया को दिखा सकते हैं. अगर आप विडियो बनाने का शौक रखते हैं तो आप इस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म अच्छी कमाई कर सकते हैं. आइए जानते है YouTube से आप कैसे कमाई कर सकते हैं. बनाएं YouTube चैनल:- अगर आप घर बैठे हुए YouTube से पैसे कमाना चाहते हैं तो सबसे पहले अपना YouTube channel बनाएं. इसके बाद अपनी Gmail account से यूट्यूब पर लॉगिन करें और My Channel ऑप्शन पर क्लिक कर अपने चैनल का एक अच्छा सा नाम दे. यूट्यूब चैनल को क्रिएट करने के बाद आप खुद के बनाए हुए वीडियो अपलोड करना शुरू कर सकते हैं.ऐसे में अगर आपको यूट्यूब से जल्दी कमाई करनी है, तो हफ्ते में कम से कम 2 वीडियो जरूर अपलोड करें. टैग और डिस्क्रिप्शन का रखे ध्यान: - You...

बिहार के एक छोटे से गाँव से उभरा बॉलीवुड का अनोखा सितारा

             BY MY COLLEGE NOTIFIER बॉलीवुड की चकाचौंध ने हमेशा ही अनगिनत कलाकारों को अपनी ओर खींचा है लेकिन इसमें सफलता उन्हीं को मिली है जिन्होंने अपने अथक परिश्रम और दृढ़ विश्वास के साथ इस ओर कदम बढ़ाया है। आज भारतीय फिल्म जगत में तेजी से उभरते अभिनेता पंकज त्रिपाठी ने अपनी लगन ओर विश्वास के बल पर अपनी एक खास जगह बनाई है। बिहार के एक छोटे से गाँव गोपालगंज से इस कलाकार ने अपना सफर शुरू किया। बचपन से ही गाँव में ये नाटक आदि में गहरी रूचि लिया करते थे। इसलिए घर वालों की इच्छा के विरुद्ध अभिनय को ही अपना लक्ष्य बनाया। हालाँकि इन्होंने पटना स्थित Food & Craft Institute से डिप्लोमा लेकर दो साल तक पटना के ही मौर्या होटल में नौकरी भी की। लेकिन वे अभिनय के अपने जुनून को रोक नहीं सके और दिल्ली के NSD से अभिनय की यात्रा पर निकल पड़े। शुरूआती दौर में NSD के अंग्रेजी माहौल में इन्हें काफी तकलीफें भी हुई लेकिन अभिनय में अपनी कुशलता के चलते इन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई। इसी दौरान साल 2004 में इन्हें अपनी पहली फिल्म "Run" की लिए मौका मिला जिसमें इनके अभिनय क...

40 बार असफल हुए लेकिन फिर भी कम नहीं हुआ हौंसला, ऐसे UPSC क्लियर कर बने IRS अफसर

                 BY MY COLLEGE NOTIFIER अगर हौंसले बुलंद हो तो इंसान क्या कुछ नहीं कर सकता। चाहे फिर वो कितनी भी बार हार जाए, लेकिन जीत को सपना जरूर देखता है और एक दिन अपने सपने को साकार भी कर लेता है। जैसे IRS अफसर अवध किशोर पवार ने कर दिखाया था। जानते हैं आप अवध किशोर पवार 40 बार असफल हुए, लेकिन कभी हार नहीं मानी और एक दिन सफलता हासिल की। आज हम आपको IRS अफसर अवध किशोर पवार के सफलता की कहानी बताने जा रहे हैं। अवध किशोर पवार ने कम से कम 40 बार परीक्षा दी है और फेल हुए हैं, लेकिन एक दिन अपनी पूरी मेहनत से देश की सबसे मुश्किल परीक्षा माने जाने वाली UPSC को पास कर ही लिया और आज IRS अफसर की कुर्सी पर बैठे हैं। अपने बारे में बात करते हुए अवध किशोर पवार बताते हैं कि जब भी वो किसी रिक्शा चलाने वाले के बेटे ने UPSC की परीक्षा के लिए तैयारी, या पास होते हुए या उसे इंटरव्यू देते हुए देखा करते थे को उससे काफी प्रभावित होते थे। साथ ही काफी प्रेरित भी होते थे। Success Story of IRS officer Awadh Kishore Pawar अवध किशोर पवार बताते हैं कि वो शुरुआत से ही Civ...

गरीबी से जंग जीतकर IAS बने जूते बेचने वाले शुभम गुप्ता, जानें संघर्ष की कहानी

                  BY MY COLLEGE NOTIFIER  आज हम आपको एक ऐसे लड़के की कहानी बताने जा रहे हैं जिसने गरीबी से दो-दो हाथ कर के कामयाबी का गले से लगाया है और अपने परिवार वालों को भी गर्व को एहसास करवाया है। एक समय ऐसा था कि इसके पास पढ़ने कर के लिए कुछ नहीं था और आज ये लड़का एक बड़ा अफसर बन चुका है। इस लड़के ने पिता का हाथ बंटाने काम में अपना पूरा सहयोग किया लेकिन उसने अफसर बनने के अपने सपने को भी जिंदा रखा। ये कहानी है शुभम गुप्ता की।  शुभम गुप्ता राजस्थान के रहने वाले हैं और उनके सर पर काफी कम उम्र में ही अपनी पिता के साथ मिलकर घर की जिम्मेदारियों को निभाने का भोज आ गिरा था, लेकिन उनके परिवार ने कभी शुभम को इन सभी जिम्मेदारियों की भट्टी में नहीं झोंका। परिवार के हालात को समझते हुए शुभम ने खुद यह निर्णय लिया और अपने पिता के साथ लग गए काम पर। आपको यह जान करा काफी हैरानी होगी कि शुभम ने AIR रैंक6 हालिस की। शुभम गुप्ता का बचपन भी जिम्मेदारियां निभाते बीता है, वेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। बचपन से ही परिवार संभालने के लिए पिता के साथ कि...

94 साल कि उम्र में शुरु किया बिज़नेस, देश की बड़ी हस्तियां भी कर रही इस महिला की तारीफ

                BY  MY COLLEGE NOTIFIER बुढ़ापा एक ऐसी उम्र होती है जहां पर लोग अपने पोती पोतियों के साथ खेलना और तीर्थ यात्रा जैसी ख़्वाहिशे रखते हैं। क्योंकि समाज की धारणा यही है की बुढ़ापे को राम नाम के साथ बिता देना चाहिए। लेकिन जब दिल में कुछ कर गुजरने का जुनून हो तो आप किसी भी उम्र में कोई भी काम आसानी से कर सकते है। बस जरुरी है तो आपके अंदर से निकलने वाली उस आवाज़ की जो सिर्फ यही कहे “ कि हां मैं यह कर सकता/सकती हूं ” ऐसी ही एक आवाज़ सुनी है चंडीगढ़ की रहने वाली हरभजन कौर ने जिनकी उम्र 94 साल है। आपको जानकर यह हैरानी होगी कि वह इस उम्र में एक एंटरप्रेन्योर बनी है। क्योंकि उनकी अपनी चाहत थी कि वह जिंदगी में कभी अपने द्वारा किये गये काम से कुछ पैसे कमाएं। इसलिए आज वह बेसन की बर्फी और कई तरह के अचार बनाकर अपना बिज़नेस कर रही है।  ऐसे शुरु हुआ सफर एक बार बातों ही बातों में हरभज़न कौर से उनकी बेटी रवीना सूरी ने यह पूछ लिया कि आपको आज भी किस काम का अफसोस होता है कि जो आप जिंदगी में करना चाहती थी लेकिन किसी कारण वश नहीं कर पाई। उन्होंन...